कुल्लू : हिमाचल के जिला कल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल होने वाली एक महत्वपूर्ण मशीन 25 मई से खराब बताई जा रही है जिस कारण मशीन में आई तकनीकी खराबी के कारण अस्पताल में कई मरीजों की सर्जरी प्रभावित होने की सूचना बताई जा रही है और मरीज और उनके परिवारों का कहना है कि मशीन खराब होने के बाद से इलाज और ऑपरेशन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
Regional Hospital Kullu मे सर्जरी सेवाएं प्रभावित
स्थानीय लोगों के अनुसार मशीन खराब होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसकी मरम्मत के लिए संबंधित तकनीकी टीम को सूचना भी दी थी लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद मशीन पूरी तरह से चालू नहीं हो पाई है जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहले से ही स्वास्थ्य सुविधाओं के दबाव का सामना कर रहा है और अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं और यह अस्पताल कुल्लू, बंजार, सैंज,मनाली,लाहौल स्पीति तथा आसपास के क्षेत्र के लोग के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है पूर्व में भी अस्पताल में विभिन्न चिकित्सा सुविधाओं और उपकरणों की कमी को लेकर सवाल उठते रहते हैं।
मरीजो के परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन मशीन खराब होने के कारण निर्धारित सर्जरी की तारीखों में देरी हो रही है और कुछ मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है जिससे उनके इलाज का खर्चा काफी बढ़ रहा है और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और अधिक चुनौती पूर्ण बन गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ का मानना है कि अस्पताल में उपयोग होने वाली मशीनों का समय-समय पर रखरखाव और निरीक्षक बेहद जरूरी है किसी भी महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण के लंबे समय तक खराब होने से मरीजों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर काफी असर पड़ रहा है देश के विभिन्न अस्पतालों में भी मशीनों में तकनीकी खराबी के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित होने की घटनाएं सामने आती जा रही है।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन से यह मांग की है कि मशीन को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हजारों मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का सुचारू रूप से संचालन बेहद आवश्यक है।
फिलहाल मरीज और उनके परिजन मशीन के शीघ्र ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं यदि समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो आने वाले समय में अस्पताल की सर्जरी सेवाओं पर और अधिक दबाव बढ़ सकता है।
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