हिमाचल प्रदेश: नाबालिग के सौतेले पिता की भूमिका पर गहराते शक के बीच पुलिस ने जांच तेज कर दी है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद असली आरोपी की पहचान स्पष्ट होगी।
हिमाचल में शर्मसार करने वाला मामला — डीएनए टेस्ट से तय होगा असली अपराधी
ऐसे में अगले चार दिनों में गर्भवती होने के बाद डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया को पूरी की जाएगी। इस मामले की गहराई से जांच के दौरान यह पता चलेगा कि सच्चा दोषी कौन है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के सौतेले पिता की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, और डीएनए टेस्ट के परिणाम आने के बाद उसके भी असली आरोपित होने का खुलासा हो सकता है।
गर्भवती नाबालिग केस: चार दिन में पूरी होगी डीएनए जांच प्रक्रिया, सच्चाई आएगी सामने
उधर, डीएसपी देवराज ने एक अक्टूबर को यह जानकारी दी कि जिले के एक थाने में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ था कि जब नाबालिग को गर्भवती होने का अहसास हुआ, तो उसने चुपचाप अपनी तकलीफ पुलिस को बताई। जांच प्रक्रिया के दौरान यह सामने आया कि उसे दर्द की शिकायत थी और उसने अपने सौतेले पिता पर शक जताया था। यह मामला काफी गंभीर है और इसे हल करने के लिए पुलिस ने कई व्यक्तियों के डीएनए सैंपल लिए हैं, जिसमें नाबालिग के सौतेले पिता और कुछ अन्य रिश्तेदार भी शामिल जानकारी
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पुलिस प्रशासन का सख्त रूख
पुलिस के पास यह भी जानकारी है कि सामुदायिक चिकित्सक ने इस मामले में पहला कदम उठाया था, जब उसने बाध्य होकर नाबालिग को चिकित्सक के पास भेजा। जबकि, पूरा मामला अभी जांच में है, और अगली कार्रवाई में नाबालिग के मां के हवाले से पुलिस ने तकलीफ दर्ज करवाई है। इस दौर में पुलिस की हर संभव कोशिश है कि दोषियों को सज़ा दिलाई जाए।
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