चंबा: हिमाचल प्रदेश की चंबा जिले के चुराह उपमंडल में एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है यहां ग्राम पंचायत बेघईगढ़ के अंतर्गत एक महिला को ढांक से गिरने के कारण मौत हो गई है बताया जा रहा है कि महिला अपने घर से भेड़ बकरियां को चराने के लिए निकली थी और लेकिन रास्ते में अचानक पांव फिसलने से गहरी ढांक से गिर गई और मौके पर ही मौत हो गई इस हादसे से महिला की जान भी चली गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई मृतिका की पहचान गुमानू पत्नी मोतीराम निवासी गांव घईया के रूप में हुई है और पुलिस ने मौके पर ही पहुंचकर जांच की गई और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है और वहीं प्रशासन की ओर से मृतिका के परिवार को ₹25000 की फौरी राहत भी प्रदान की गई है।
भेड़ बकरियां चराने गई थी महिला
मिली जानकारी के अनुसार गुमानू रोज की तरह अपने घर से भीड़ बकरियों को चुराने के लिए निकलती थी और चूराह क्षेत्र मे अधिकतर लोग पशुपालन और खेती पर निर्भर रहते हैं इसलिए ग्रामीण महिला अक्सर जंगल और पहाड़ी इलाकों में पशुओं को ले जाते है बताया जा रहा है कि गुमानू अपने पशुओं के साथ पहाड़ी रास्तों से गुजर रही थी और तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और संतुलन बिगड़ने के कारण वह पास की गहरे ढाँक में जा गिर गई ढांक काफी गहरी होने के कारण उसे गंभीर चोटे भी आई थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई है।
आसपास के लोगों ने दी पुलिस को सूचना
महिला को से गिरते हुए आसपास मौजूद कुछ लोगों ने देख लिया था और उसके बाद वहां तुरंत लोगों की भीड़ भी जमा हो गई थी और स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस और मृतका के परिवार को दे दी गई, सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर आ पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण भी किया गया स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद महिला के शव को गहरी ढांक से बाहर निकाला गया और सड़क पर पहुंचाया गया इसके बाद सबको पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाया गया।
परिजनों ने नहीं जताया कोई संदेश
पुलिस की प्रारंभिक जांच के दौरान मृतिका के परिजनों से भी पूछताछ की गई है और परिजनों ने इस घटना को लेकर किसी भी प्रकार का कोई संदेह व्यक्त नहीं किया गया और उन्होंने बताया कि गुमांनू रोज की तरह पशुओं को चुराने के लिए घर से निकलती थी और यह हादसा अचानक हुआ है और पुलिस ने भी शुरुआती जांच में इसे एक दुर्घटना बस हुई मौत माना है।
बीएनएसएस की धारा 194 के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बीएनएसएस (BNSS) की धारा 194 की तहत कार्यवाही शुरू कर दी गई है और पुलिस ने मुख्य का निरीक्षण भी किया है जांच पूरी करने के बाद सबको पोस्टमार्टम करवाया गया और फिर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है।
25000 की फौरी राहत इस दुखद घटना के बाद उपमंडलियों प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और प्रशासन की ओर से मृतका के परिवारों को ₹25000 की तत्काल राहत राशि प्रदान कर दी गई है ताकि परिवार को इस कठिन समय में कुछ सहायता मिल सके और स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को और अधिक सहायता देने की मांग की गई है।
एसपी चंबा की घटना की पुष्टि
इस मामले को लेकर चंबा की पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने यह बताया है कि पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया है उन्होंने कहा है कि पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया गया और नियमनुसार सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई है और पोस्टमार्टम के बाद सबको अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
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हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र मैं इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती है और खासकर चंबा, चुराह, भरमौर और पांगी जैसे इलाकों में रास्ते काफी संकरे और जोखिम भरे होते हैं तो ग्रामीण महिलाएं और चरवाहा रोजाना पशु चुराने के लिए ऐसे ही रास्तों से गुजरना पड़ता है जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे इलाकों में सुरक्षा उपाय बढ़ने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह का कोई हादसा ना हो सके।
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