मंडी | हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है नेरचौक स्थित लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कान के एक मामूली ऑपरेशन के लिए भर्ती हुए 60 वर्षीय बलदेव राम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है और परिजनों का आरोप यह है कि नर्स द्वारा लगाया गया इंजेक्शन ही मौत की वजह बना है।
इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी हालत, मुंह से निकलने लगा झाग
परिजनों के अनुसार बलदेव राम पूरी तरह स्वस्थ थे और ऑपरेशन से पहले सामान्य बातचीत कर रही थी और शुक्रवार रात करीब 9:00 बजे ड्यूटी पर तेनात नर्स ने इंजेक्शन लगाया था इंजेक्शन लगते ही मरीज के मुंह से झाग निकलने लगा और कुछ ही पल में उसकी हालत गंभीर हो गई परिजनों का दावा है कि वार्ड में उसे समय कोई भी सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं था जब स्थिति बिगड़ी तो औपचारिकता के तौर पर मरीज को आईसीयू में ले जाया गया था लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
परिजनों के गंभीर आरोप उस्तरीय जांच की मांग
मृतक के बेटे विजय और रजत सिंह अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि बिना पूरी जानकारी दिए इंजेक्शन लगाया गया और यह भी नहीं बताया गया कि कौन सा इंजेक्शन और क्यों दिया जा रहा है मरीज को प्रशिक्षु डॉक्टर और नर्सो के भरोसे छोड़ दिया गया है परिजनों ने इस घटना को स्पष्ट मेडिकल लापरवाही बताते हुए सरकार से उच्चतर जाँच और दोषी स्वास्थ्य कर्मियों पर सख्त कार्यवाही की मांग की है।
ग्रामीणों में आक्रोश,स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद नेरचौक और आसपास के क्षेत्र में भारी रोष देखा गया है और ग्रामीण और पंचायत प्रतिनिधियों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं पंचायत प्रधान पन्नालाल ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि आने वाले समय में ऐसी कोई भी घटना न दोहराई जाए।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष
मेडिकल कॉलेज नेरचौक की एमएस डॉक्टर आर. आर. बी नेगी ने कहा है कि यह घटना भी है दुखत है कि मौत के सटीक कर्म कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियम अनुसार कार्यवाही की जाएगी।यह भी पढ़े:- जिला कुल्लू के बंजार हत्याकांड मे बड़ा खुलासा, शादीशुदा निकली प्रेमिका, प्रेम प्रसँग का खूनी अंत, पति सहित 4 गिरफ़्तार
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